नई दिल्ली : नेशनल हेराल्ड हाउस मामले में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. फिलहाल हेराल्ड हाउस खाली नहीं करना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाउस खाली करने का दिया था आदेश

दरअसल, नेशनल हेराल्ड अखबार की प्रकाशक कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) ने दिल्ली हाई कोर्ट के हेराल्ड हाउस खाली करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. दिल्ली हाई कोर्ट ने 28 फरवरी को लीज की शर्तें तोड़ने का दोषी पाते हुए एजेएल को दिल्ली के आईटीओ स्थित हेराल्ड हाउस खाली करने का आदेश दिया था.

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट की सिंगल और डबल बेंच ने एसोसिएट जनरल्स की याचिका खारिज कर दी थी. दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और नेशनल हेराल्ड अखबार के प्रकाशक एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की दलील सुनने के बाद इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इसके अलावा दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी अपना-अपना लिखित जवाब तीन दिनों के भीतर कोर्ट में दाखिल करने का समय दिया था. एजेएल ने कोर्ट में अपने बचाव में कहा था कि हेराल्ड हाउस को खाली कराने का फैसला पूरी तरह से राजनीतिक है और केंद्र सरकार ने मनमानी से लीज को रद्द करने का फैसला लिया है.

क्या है पूरा मामला

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पटियाला हाउस कोर्ट में नेशनल हेराल्ड मामले में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल, सोनिया गांधी और अन्य पर आरोप लगाया था कि उन्होंने साजिश के तहत महज 50 लाख रुपये का भुगतान कर धोखाधड़ी की. जिसके जरिये यंगइंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपये की वह रकम वसूलने का अधिकार हासिल कर लिया, जिसे एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड को कांग्रेस को देना था.इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नाडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया कंपनी आरोपीहैं.फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर हैं.इस मामले में शिकायतकर्ता के बयान दर्ज हो चुके हैं.